स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, हनोई, वियतनाम

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद का सांस्कृतिक केंद्र,हनोई में सितंबर 2016 में स्थापित किया गया था। इस केंद्र का उद्घाटन जर्नल वी के सिंह, विदेश राज्य मंत्री और श्री गुयेन एनगोक थिएन, वियतनाम के संस्कृति, खेल और पर्यटन उप-मनीरी ने 20 अप्रैल 2017 को किया गया था। वर्ष 1893 में स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध शिकागो भाषण की 125 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए विदेश मंत्रालय ने सांस्कृतिक केंद्र का नामकरण अगस्त 2018 में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के रूप में किया ।

यह केंद्र, भारत और वियतनाम के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक संगोष्ठियों, कार्यशालाओं का आयोजन करके और योग, संस्कृत, भारतीय शास्त्रीय संगीत/वाद्य संगीत और भारतीय कुचिपुड़ी नृत्य के लिए भारतीय गुरु-पेशेवरों और प्रशिक्षकों को नियुक्त करके द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों और जागरूकता को बढ़ावा देता है। यह केंद्र फोटो प्रदर्शनी, फिल्म स्क्रीनिंग, व्याख्यान और भारतीय उत्सवों का भी आयोजित करता है और योग कक्षाओं को तीन स्तरों पर संचालित करता है - प्रारंभिक, माध्यम और उन्नत।

केंद्र के पुस्तकालय में भारतीय कला, संस्कृति, प्रकृति, पर्यटन और कई अन्य विधाओं की 2,500 से अधिक पुस्तकों, पत्रिकाओं और कई सीडी और डीवीडी का संग्रह है। मुख्य संग्रह में गुरु नानक, संत तुकाराम, महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, कुवेम्पु और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जैसे प्रसिद्ध भारतीय साहित्यकारों की पुस्तकें शामिल हैं। पुस्तकें विविध विषयों जैसेकि भारत की हिंदू और बौद्ध कला, शास्त्र, संस्कृति, इतिहास, दर्शन, धर्म, साहित्य, खेल, फिल्में, राजनीति और विदेश नीति पर हैं। पुस्तकालय में बच्चों का खंड भी है जिसमे प्राचीन काल की कहानियों और अमर चित्र कथा श्रृंखला के नए भारतीय नायक, नायिकाओं पर पुस्तकें हैं। किताबें मुख्य रूप से तीन भाषाओं में उपलब्ध हैं: अंग्रेजी, हिंदी और वियतनामी।

स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र ने वियतनामी लोगों के साथ भारतीय शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, वियतनाम के राष्ट्रीय पुस्तकालय और क्षेत्रीय / राष्ट्रीय मैत्री संघों सहित स्थानीय संगठनों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए बाह्य कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के प्रखर पहलुओं पर सेमिनार और प्रदर्शनियों की व्यवस्था की है।

महात्मा गांधीजी की 150 वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में, गांधीजी की प्रतिमा भेजने की व्यवस्था की गई, जिसका उद्घाटन माननीय विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने अगस्त 2018 में किया था जो यात्रियों और वियतनामी नागरिकों के लिए एक आकर्षण बन गई थी। केंद्र भारत के सांस्कृतिक समारोहों का आयोजन करता है, जिनमे होली, दिवाली और गणेश सहित भारतीय त्योहारों की श्रृंखला शामिल है, जो लोगों को एक सांस्कृतिक विसर्जन का अनुभव प्रदान करता है। इन के अलावा, कृषि, बुद्ध के लिए चावल का उपयोग, ध्यान, प्रेम और सम्मान और शांतिप्रिय नागरिकों की मित्रतापूर्ण प्रकृति भारत और वियतनाम के बीच सामान्य संबंध का कारक बन गए हैं।

डा नंग चाम चाम मूर्तिकला संग्रहालय वियतनाम में विद्यमान हिंदू बौद्ध मूर्तिकला को समर्पित है। मीसों अभ्यारण्य जोकि चंपा साम्राज्य के लोगों के लिए सबसे पवित्र स्थल में ईंट और पत्थर की 70 से अधिक संरचनाएं हैं, जिनमें से अधिकांश शिव को समर्पित हैं। धीरे-धीरे वैश्विक समुदाय और शोधकर्ताओं का ध्यान इनकी और आकर्षित हो रहा हैं।

डॉ. जी. बी. हरीशा, निदेशक स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र 63 ट्रान हंग डाओ स्ट्रीट, होन कीम जिला हनोई, वियतनाम टेलीफोन: +84-24-38344990, ईमेल: diricc[dot]hanoi[at]mea[dot]gov[dot]in, cul[dot]hanoi[at]mea[dot]gov[dot]in,culture[at]indembassy[dot]com[dot]in

स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र 63 ट्रान हंग डाओ स्ट्रीट, होन कीम जिला हनोई, वियतनाम दूरभाष: +84-24-38344990,, ईमेल: diricc[dot]hanoi[at]mea[dot]gov[dot]in, cul[dot]hanoi[at]mea[dot]gov[dot]in,culture[at]indembassy[dot]com[dot]in