आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम
भारत विश्व भर से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने वाले एक शिक्षा केंद्र के रूप में सुविख्यात है। भारत की सुदृढ़ शिक्षा प्रणाली, अपनी समृद्ध विविधता तथा जीवंत संस्कृति एवं इतिहास की पृष्ठभूमि में, छात्रों के लिए विकल्पों की एक व्यापक श्रृंखला प्रदान करती है। और, अग्रणी तकनीकी दक्षता वाले तेज़ी से विकसित हो रहे देश के रूप में, भारत में अध्ययन करना अनेक संभावनाएँ प्रदान करता है, चाहे वह इंजीनियरिंग, आईटी, कला, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, प्रदर्शन एवं दृश्य कला, भाषाएँ, क्लासिक्स हो अथवा अन्य कोई विषय।
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का संचालन करती है तथा 18 विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विदेशी छात्रों को 4500 से अधिक छात्रवृत्तियाँ प्रदान करती है, जो 192 संयुक्त राष्ट्र-मान्यता प्राप्त देशों के लिए उपलब्ध हैं। इन 18 योजनाओं में से, 05 योजनाएँ आईसीसीआर द्वारा अपने अनुदान से वित्तपोषित हैं, 10 योजनाएँ विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा तथा 03 योजनाएँ आयुष मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित हैं। किसी भी समय, लगभग 150 देशों के 8000 से अधिक आईसीसीआर-प्रायोजित छात्र, आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत भारत भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में अध्ययनरत रहते हैं।
आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम अपनी प्रकृति में अद्वितीय है तथा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए किसी भी अन्य वैश्विक छात्रवृत्ति कार्यक्रम की तुलना में अपनी संख्या एवं पूर्णतः डिजिटलीकृत प्रणाली के मामले में उच्च स्थान रखता है, जिसके अंतर्गत यह संचालित होता है। आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम A2A पोर्टल (एडमिशन टू एलुमनाई) के माध्यम से संचालित होता है तथा आवेदन चरण से ही विदेशी छात्र का मार्गदर्शन करता है। यह एकमात्र ऐसा कार्यक्रम है जिसमें छात्र के लिए छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करने का प्रावधान है, तथा साथ ही साथ प्रणाली छात्र के पसंदीदा विश्वविद्यालय में प्रवेश की व्यवस्था भी स्वयं करती है। यह प्रणाली इस हद तक पारदर्शी है कि इसमें न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप होता है, तथा आवेदक से लेकर विश्वविद्यालयों या संस्थानों, विदेश स्थित भारतीय मिशनों, भारत के विभिन्न भागों में स्थित आईसीसीआर के आंचलिक कार्यालयों तक — प्रत्येक हितधारक की अपनी स्वयं की लॉगिन प्रक्रिया के माध्यम से A2A तक सीधी पहुँच है, जो एक-दूसरे की आंतरिक प्रक्रियाओं, नियमों एवं विनियमों में हस्तक्षेप किए बिना कार्य करती है।
यह प्रक्रिया इतनी विस्तृत है कि पाठ्यक्रमों एवं विश्वविद्यालयों का चुनाव आवेदक पर निर्भर करता है, प्रवेश प्रदान करने का अधिकार विश्वविद्यालय या संस्थान के पास रहता है, छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने हेतु चयन विदेश स्थित भारतीय मिशनों द्वारा योग्यता के आधार पर स्वतंत्र रूप से किया जाता है, तथा छात्र को छात्रवृत्ति भत्तों एवं शिक्षण शुल्क का भुगतान आईसीसीआर द्वारा बैंक हस्तांतरण के माध्यम से डिजिटल रूप से किया जाता है।
आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम भारत भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में गैर-STEM एवं STEM श्रेणियों (चिकित्सा एवं अर्ध-चिकित्सा विषयों को छोड़कर) की विधाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. स्तर के पाठ्यक्रम करने का अवसर प्रदान करता है। इन शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त, आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम प्रदर्शन एवं गैर-प्रदर्शन कलाओं की विधाओं के साथ-साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली (आयुष – आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी) की विधाओं में भी शिक्षा को सुगम बनाता है।
आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम हवाई यात्रा की लागत (पाठ्यक्रम में शामिल होने हेतु तथा पाठ्यक्रम के सफल समापन के पश्चात), जीवनयापन एवं आवास हेतु मासिक छात्रवृत्ति भत्ता, स्टेशनरी एवं पुस्तकों की लागत हेतु वार्षिक आकस्मिकता भत्ता, शोध छात्रों हेतु थीसिस भत्ता, शिक्षण शुल्क आदि को वहन करता है। छात्रों को अपनी चिकित्सा आवश्यकताओं की पूर्ति स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के माध्यम से करनी आवश्यक है।