विदेशों में स्थित भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद् की पीठें

भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद् ने विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के परामर्श से विभिन्न विदेशी विश्वविद्यालयों/संस्थानों में भारतीय अध्ययन पीठों की स्थापना की है। विदेशी छात्रों को भारत के बारे में शिक्षा देने के अलावा इन पीठों का उद्देश्य एक केंद्र (न्यूक्लियस) बनना है जिसके चारों ओर विदेशों में स्थित शैक्षिक संस्थानों में भारतीय अध्ययन का विकास हो सके। इन पीठों में प्रतिनियुक्त शिक्षाविद/विद्वान केवल भारत से संबंधित पाठयक्रम ही नहीं पढ़ाते अपितु अनुसंधान मार्गदर्शन, संगोष्ठी समन्वय, प्रकाशन, सार्वजनिक व्याख्यान देने जैसी अन्य शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से उस देश के शिक्षाविदों के साथ विद्वत्तापूर्ण बातचीत विकसित करते हैं और भारत से संबंधित विभिन्न मुद्दों की सूचना का प्रसार करने और बेहतर समझ बनाने में सहायता देते हैं।

विदेश में पीठों के अलावा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् भारत में भी दो पीठें चलाता है अर्थात सार्क पीठ और नेल्‍सन मंडेला पीठ, जिसके लिए विदेशों से विद्वानों को भारत में आमंत्रित किया जाता है। जबकि अफ्रीकी विद्वानों को नेल्‍सन मंडेला पीठ के लिए आमंत्रित किया जाता है जोकि स्‍थायी रूप से जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय में आधारित है, सार्क देशों से विद्वानों को सार्क पीठ के लिए आमंत्रित किया जाता है जो विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों के बीच घूमती है।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के पास वर्तमान में 66 कार्य कर रही पीठें हैं और 10 नई पीठों की स्‍थापना की गई है जो शैक्षणिक वर्ष 2014-15 के दौरान कार्य करना प्रारंभ कर देंगी ।

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