शिलांग, मेघालय में क्षेत्रीय कार्यालय

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद्, शिलांग ने वियना चैंबर आर्केस्ट्रा द्वारा एक भव्य संगीत कार्यक्रम जिसमें मेघालय राज्य के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों सहित मेघालय के महामहिम राज्यपाल श्री रंजीत शेखर मुशाहारे मुख्य अतिथि थे, के साथ 11 मार्च 2009 को कार्य करना शुरू कर दिया। आईसीसीआर केंद्र ब्रुकसाइड कॉटेज में स्थित है जहां गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर पहली बार पूर्वोत्तर भारत की अपनी यात्रा पर ठहरे थे। अपनी स्थापना के बाद से, आईसीसीआर शिलांग ने स्थानीय जातीय नृत्य और संगीत को बढ़ावा देने के लिए हॉराइजन कार्यक्रम, लोक समारोहों का आयोजन और इन सब से परे मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में प्रस्‍तुतियों के लिए विदेशी दलों को आमंत्रित करने जैसी विभिन्न गतिविधियां शुरू की।

 

मेघालय को "बादल का निवास" के रूप में भी जाना जाता है जिसके पास एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसमें तीन जनजातियां खासी, जयंतिया और गारो शामिल हैं। इस क्षेत्र के सभी नृत्य और संगीत कुछ मौसमी त्योहारों के साथ जुड़े हुए हैं। इस क्षेत्र के प्रसिद्ध त्योहारों में से कुछ वांगाला (सौ ड्रमों का नृत्य), नाँग्‍क्रेम नृत्‍य (अच्छी फसल के लिए भगवान को धन्यवाद देने के लिए) और बेहदींख्‍लाम (बुवाई अवधि के बाद) हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुछ समुदाय एक विशेष नृत्य प्रस्‍तुत करने के अधिकार से सम्‍मानित है जो किसी भी अन्य समुदाय द्वारा नहीं किया जा सकता है। आईसीसीआर, शिलांग राज्य सरकार के साथ सहयोग से इन स्थानीय त्योहारों को बढ़ावा देता है।

मेघालय की राजधानी शिलांग अपनी सम्‍मोहित करने वाली प्राकृतिक सुंदरता और जीवंत संस्कृति के साथ ब्रिटिश काल के दौरान सभी पूर्वोत्तर क्षेत्र का केंद्र थी और आज भी बनी हुई है। केन्द्र सरकार के कई क्षेत्रीय कार्यालयों शिलांग में हैं। यह पूर्वोत्तर भारत का पर्यटन हब है, यहां एक सुखद जलवायु और चेरापुंजी हैं, दुनिया में सबसे भारी वर्षा के साथ यह जगह शिलांग से सिर्फ 60 किलोमीटर दूर है।

प्रतिष्ठित नॉर्थ ईस्ट हिल यूनिवर्सिटी (नेहू) जिसमें आधुनिक बुनियादी सुविधाएं हैं, और  सेट एडमंड, सेंट एंथनी और सेंट मैरी जैसे प्रसिद्ध कॉलेजों के कारण भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों से कई छात्र उच्च अध्ययन के लिए शिलांग में आना पसंद करते हैं। ये छात्रों भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के कार्यक्रमों में आते हैं।

इसके अलावा शिलांग भारत की रॉक राजधानी के रूप में जाना जाता है और स्‍कॉर्पियंस, व्‍हाइट लायन,फायर हाउस, नजरथ, मिस्‍टर बिग इत्‍यादि जैसे विश्व प्रसिद्ध रॉक बैंड ने इस शहर का दौरा किया है। यहां के लोग पश्चिमी संगीत में बहुत रुचि रखते हैं और इस क्षेत्र में कई पश्चिमी संगीत विद्वान हैं। आईसीसीआर, शिलांग सांस्कृतिक प्रदर्शन, जागरूकता और सहयोग को बढ़ाने की अपनी क्षमता के साथ पूर्वोत्तर के सभी क्षेत्रों की सांस्कृतिक गतिविधियों को बहुप्रतीक्षित बढ़ावा देगी।

एन. मुनीश सिंह

क्षेत्रीय अधिकारी

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् (आईसीसीआर)

(विदेश मंत्रालय, भारत सरकार)

नई विधानसभा परिसर

ब्रुकसाइड, रिबाँग

शिलांग-793004, मेघालय

टेलीफोन: 0364-2228573

फैक्स: 0364-2220183

मोबाइल: 09436705416

ई-मेल: iccrshillong@gmail.com