कई अन्य योजनाएं

सामान्य छात्रवृत्ति योजना (जीएसएस)

सामान्य छात्रवृत्ति योजना (जीएसएस) विदेशी छात्रों के लिए भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद् की सबसे महत्वपूर्ण लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में विकासशील एवं गैर-विकासशील देशों के नागरिकों को प्रतिवर्ष 506 छात्रवृत्तियां प्रस्‍तावि‍त की जा रही हैं। जीएसएस के अंतर्गत मेडिकल की पढ़ाई जैसे एमबीबीएस, बीडीएस अथवा पीएच.डी. की डिग्री के लिए चिकित्सा अनुसंधान हेतु छात्रवृत्ति नहीं दी जाती। (कृपया ध्यान दें: इस योजना को पहले सामान्य सांस्कृतिक छात्रवृत्ति योजना जीसीएसएस के नाम से जाना जाता था)। इस योजना के अंतर्गत हम स्नातक, स्नातकोत्तर, बी.टेक॰, एम.फिल, पीएच.डी. और पोस्ट डॉक्टरेट पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं।

आईसीसीआर छात्रवृत्ति योजना

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, चित्रकला, योग और मूर्तिकला में अध्ययन के लिए (किसी भी समय में) 100 छात्रवृत्तियां प्रस्‍तावित करती है। छात्रवृत्तियां एक वर्ष के लिए मान्य हैं। यह छात्रवृत्ति योजना सभी देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।

बांग्लादेश के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं

इस छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत बांग्लादेश के नागरिकों को 200 छात्रवृत्तियां प्रस्‍तावित की हैं, 100 भा.सां.सं.प. कार्यक्रम के अंतर्गत (बांग्लादेश छात्रवृत्ति योजना, स्नातक, स्नातकोत्तर, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम सहित पीएच॰डी॰) और 100 विदेश मंत्रालय की ओर से  एजेंसी कार्य भारत छात्रवृत्ति (बांग्लादेश) योजना के अधीन स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी / पोस्ट डॉक्टरल कोर्स (इंजीनियरिंग को छोड़कर) की पढ़ाई के लिए। श्रीलंका के लिए छात्रवृत्ति

इस छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् और विदेश मंत्रालय की ओर से श्रीलंका के छात्रों को 195 छात्रवृत्तियां निम्नलिखित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत, प्रस्‍तावित की जा रही हैं: (1) नेहरू मेमोरियल छात्रवृत्ति योजना (आईसीसीआर) 60 स्लॉट, (2) नेहरू मेमोरियल छात्रवृत्ति योजना (विदेश मंत्रालय) 60 स्लॉट (केवल इंजीनियरिंग सहित स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए)  (3) मौलाना आजाद छात्रवृत्ति योजना (विदेश मंत्रालय) 50 स्लॉट,  एग्रीकल्चर साइंस में मास्टर डिग्री और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए (4) राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना (विदेश मंत्रालय) आईटी (बी॰ई॰/बी.टेक॰पाठ्यक्रम) के क्षेत्र में अध्ययन के लिए 25 स्लॉट।

भूटान, मंगोलिया और मालदीव को सहायता

परिषद् इन योजनाओं को  विदेश मंत्रालय की ओर से लागू करती है। इन छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत भूटान (स्नातक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए), मंगोलिया (स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएच.डी. पाठ्यक्रमों के लिए) और मालदीव (चिकित्सा और दंत चिकित्सा को छोडकर इंजीनियरिंग सहित स्नातकीय पाठ्यक्रम के लिए) के नागरिकों को प्रत्येक  के लिए 20-20 स्लॉट प्रस्‍तावित किए जाते हैं।

सार्क छात्रवृत्ति योजना

इस छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 14 छात्रवृत्तियों का प्रस्ताव किया जाता है। विदेश मंत्रालय के सार्क प्रभाग की ओर से स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएच.डी. पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए सार्क सदस्य देशों को प्रत्येक को दो-दो का प्रस्ताव किया जाता है।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी)

भारत और अन्य देशों के बीच हस्ताक्षरित सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के लिए सीईपी स्लॉट में दर्शाए अनुसार स्लॉट प्रदान करती है। स्लॉट केवल उन देशों को प्रस्‍तावित किए जाते हैं जहां हमारे वैध सीईपी हैं। निबंधन एवं शर्तें सीईपी की निबंधन एवं शर्तों द्वारा शासित होती हें।

नेपाल के लिए रजत जयंती छात्रवृत्ति योजना

नेपाल के लिए विदेश मंत्रालय की एजेंसी कार्य के रूप में इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति स्लॉट, 2006-07 शैक्षणिक वर्ष से 30 से बढ़ाकर 64 कर दिये गए हैं। यह योजना केवल स्नातकोत्तर और पीएच.डी. पाठ्यक्रमों के लिए ही हैं।

अफ्रीका छात्रवृत्ति योजना

अफ्रीका छात्रवृत्ति योजना, जो विदेश मंत्रालय की ओर से एक एजेंसी कार्य है, के अंतर्गत स्नातकीय / स्नातकोत्तर / पीएच.डी. पाठ्यकर्मों के लिए अफ्रीकी देशों को 2012-13 से आगे के लिए कुल 900 स्लॉट प्रदान किए गए हैं।

आईओआर-एआरसी योजना

परिषद् विदेश मंत्रालय की ओर से एजेंसी कार्य के रूप में इस योजना को लागू करती है। इस योजना के अंतर्गत भारत में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए कुल 34 स्लॉट, आईओआर-एआरसी के प्रत्येक सदस्य देश के लिए दो छात्रवृत्तियां, प्रदान करती है। यह योजना केवल 2013-14 तक वैध थी।

मेकांग-गंगा सहयोग छात्रवृत्ति योजना

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् ने विदेश मंत्रालय की ओर से एजेंसी कार्य के रूप में 'मेकांग-गंगा' छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत कुल 50 स्लॉट प्रस्‍तावित किए जाते हैं और प्रत्येक सदस्य देश को 10 स्लॉट आबंटित किए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम देश शामिल हैं।

राष्ट्रमंडल छात्रवृत्ति फैलोशिप योजना

यह छात्रवृत्ति राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों के लिए है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिवर्ष 26 छात्रवृत्तियां स्नातकोत्तर अध्ययन और कुछ स्नातक और पीएचडी के अध्ययन के लिए दी जाती है।  

आयुष छात्रवृत्ति योजना

यह योजना बिम्सटेक और गैर-बिम्सटेक सदस्य देशों के लिए है। इस योजना के अंतर्गत भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली जैसे आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी में पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए 50 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। बिम्सटेक देशों में थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान और म्यांमार शामिल हैं और अन्य देश गैर-बिम्सटेक की योजना के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा, इस योजना के अंतर्गत 20  स्लॉट प्रतिवर्ष मलेशिया को भी दिये जाते हैं। इस योजना को आसियान एमएल प्रभाग, विदेश मंत्रालय (30 स्लॉट) और स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्रालय के आयुष विभाग (40 स्लॉट), अर्थात गैर-बिम्सटेक देशों के लिए 20 और मलेशिया के लिए 20 स्लॉट, की ओर से एजेंसी कार्य के रूप में भा.सां.सं.प. द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

अफगानिस्तान के लिए विशेष छात्रवृत्ति

अगस्त, 2005 में प्रधानमंत्री की अफगानिस्तान यात्रा के बाद, भारत में विश्वविद्यालय स्तर के पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए अफगान नागरिकों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना (एसएसएसएएन) के तहत 500 छात्रवृत्तियां दी गई हैं और अब यह शैक्षणिक वर्ष 2012-13 से बढ़ा कर सालाना 1000 छात्रवृत्ति कर दी गई हैं। यह विदेश मंत्रालय के लिए एक एजेंसी कार्य के रूप में किया जाता है।